भगणार्ध अर्थात् ६ राशि सूर्य में जोड़कर दूक्कर्मसंस्कृत केवल चन्द्र के अन्तरासुओं का साधन करना चाहिये इन्हीं अन्तरासुओं के तुल्य सूर्यास्त के अनन्तर कृष्ण॑पक्ष में चन्द्रमा उदित होता है।
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