तन्नाडिकाहते भुक््ती रवीन्द्रो: षष्टिभाजिते ।
तत्फलान्वितयोर्भूय: कर्तव्या विवरासव: ॥| ३
स्फुट सूर्य और चन्द्र में ६ राशि जोड़कर इनके अन्तरासुओं का साधन करना चाहिये।
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