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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 10 • श्लोक 15
चन्विम्बेशसितानयनम्‌ कृष्णे षड़्भयुत॑ सूर्य विशोध्येन्दोस्तथाइउसितम्‌ । दद्याद्‌ वाम॑ भुजं तत्र पश्चिमे मण्डल विधो:॥ ॥ सूर्यसिद्धान्ते शृङ्गोन्नत्यधिकारः सम्पूर्ण: ॥
कृष्णपक्ष में ६ राशियुत सूर्य को चन्द्रमा में घटाकर पूर्वोक्त प्रकार से असितमान का साधन करना चाहिए। यहाँ भुज का संस्कार विपरीत होता है तथा चन्द्रमण्डल के पश्चिम भाग में कृष्णमान का वृद्धि होती है।
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