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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 1 • श्लोक 8
श्रृणुष्वेकमना: पूर्व यदुक्‍त ज्ञानमुत्तमम्‌ । युगे युगे महर्षीणां स्वयमेव विवस्वता ॥
पहले प्रत्येक युग में स्वयं भगवान सूर्य ने महर्षियों को जिस उत्तमज्ञान को बतलाया है उसे एकाग्रचित्त होकर सुनो।
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