इत्युक्त्वाउन्तर्दधे देव: समादिश्यांशमात्मन: ।
स पुमान् मयमाहेदं प्रणतं प्राउ्जलिस्थितम् ॥
इस प्रकार कहकर तथा अंशावतार पुरुष को भली भाँति आदेश देकर भगवान् सूर्य अन्तर्ध्यन हो गये। अनन्तर उस अंशावतार पुरुष ने अत्यन्त विनग्र भाव से हाथ जोड़ कर खड़े हुये मय दानव से यह कहा-
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