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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 1 • श्लोक 62
रेखादेशस्य नगराणि राक्षसआालयदेवौक: शैलयोर्मध्यसूत्रगा: । रोहीतकमवन्ती च यथा सन्निहितं सर: ॥
राक्षों के आवास लड्डा, देवताओं के स्थान सुमेरु पर्वत (उत्तरी ध्रुव) के मध्यगतं सूत्र (रेखा) पर स्थित सेहीतक (रोहतक), अवन्ती (उज्जैन), सन्निहित सरोवर (क्रुक्षेत्र) नामक स्थान रेखा देश कहे जाते हैं। (रेखादेश का अभिप्राय है शून्य देशान्तर 'रेखान्तर'” भूमध्य स्थित याम्योत्तर रेखा)
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