इस कृत युग (सत्य युग) के अन्त में पात एवं मन्दोच्चों को छोड़कर सभी ग्रहों के मध्यम मान समानता को प्राप्त कर मेष राशि के आरम्भ बिन्दु पर थे। चन्द्रमा का उच्च मकर राशि के आरम्भ बिन्दु पर तथा चन्द्रमा का पात (राहु) तुलाराशि के आरम्भ बिन्दु पर था।
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