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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 1 • श्लोक 51
सावनो झद्युगण: सूर्यादिदनमासाब्दपास्तत: । सप्तभि: क्षयित: शेष: सूर्यद्यो वासरेश्वर:॥
उक्त अहर्गण द्वारा सूर्य से आरम्भ कर सूर्यादि ग्रह क्रम से दिन, मास और वर्ष के स्वामी होते हैं। अहर्गण को ७ से भाग देने पर शेष संख्या तुल्य सूर्यादिग्रह दिवा स्वामी होता है।
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