एक स्थान पर मास संख्या को युगाधिमास से गुणाकर युग सौर मासों की संख्या से भाग दें। लब्धि सृष्ट्यादि से गत मासों में अधिमास संख्या होगी। अधिमास को दूसरे स्थान में स्थित मास में जोड़ने से चान्द्रमास होगें। इसमें ३० का गुणा कर दिनात्मक बना लें तथा उसमें गत तिथि जोड़ कर योगफल को दो स्थानों में रखें।
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