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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 1 • श्लोक 41
कल्‍्पे निरग्रीया ( मन्दोच्चादीनां ) भगणा: प्राग्गते: सूर्यमन्दस्य कल्पे सप्ताष्टवहनय: । कौजस्य वेदखयमा बौथस्याष्टर्तुतहनय: ॥
पूर्वाभिमुख गमन करते हुये एक कल्प में सूर्य का मन्दोच्च ३८७ भगण, मंगल का मन्दोच्च २०४ भगण, बुध का मन्दोच्च ३६८,
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