एक महायुग में प्रवहवायु वश नक्षत्रों की भगण संख्या १५८२२३७८२८ होती हैं। नाक्षत्र उदय काल (नक्षत्र भगण) में से ग्रहों के अपने-अपने भगण घटाने पर शेष तत्तद ग्रहों के सावन दिन होते हैं।
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