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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 1 • श्लोक 32
सितशीघ्रस्य षट्सप्तत्रियमाश्विखभूधरा: । शनेर्भुजड्रघट्पञ्चरसवेदनिशाकरा: ॥ ३२ ॥
शुक्र शीघ्रोच्च की ७०२२३७६, शनि की १४६५६८,
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