मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सूर्य सिद्धांत • अध्याय 1 • श्लोक 29
ग्रहणां ग्रहोच्चादिनां युगे भगणप्रमाणम्‌ युगे सूर्यज्ञशुक्राणां खचतुष्करदार्णवा: । कुजार्किंगुरुशीघ्राणां भगणा: पूर्वयायिनाम्‌ ॥
पूर्वाभिमुख गमन करने वाले सूर्य-बुध और शुक्र की तथा मड्रल-शनि और गुरु के शीघ्रोच्चों की भगण संख्या ४३२०००० होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सूर्य सिद्धांत के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सूर्य सिद्धांत के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें