भगण परिभाषा
विकलानां कला पषष्ट्या तत्षष्ट्या भाग उच्यते ।
ततत्रिंशता भवेद्राशिर्भगणो द्वादशैव ते ॥
६० विकला की एक कला, ६० कला का १ अंश, ३० अंश की १ राशि तथा १२ राशियों का एक भगण होता है।
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