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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 1 • श्लोक 22
ग्रन्थारम्भकाले कल्पादितोगताब्दा: कल्पादस्माच्च मनव: पषड़्‌ व्यतीता: ससन्धय: । वैवस्वतस्य॒ च मनोर्युगानां त्रिघनो गत:॥
इस वर्तमान कल्प में सन्धियों सहित ६ मनु बीत चुके हैं। सप्तम वैवस्वत नामक मनु के भी २७ महायुग बीत चुके हैं।
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