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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 1 • श्लोक 20
ब्राह्नदिविसप्रमाणम्‌. इत्थं. युगसहस्रेण. भूतसंहारक[रक: । कल्पो ब्राह्ममह: प्रोक्‍्तं शर्वरी तस्य तावती ॥
इस प्रकार एक हजार महायुग का सृष्टि संहारकारक १ कल्प ब्रह्मा का एक दिन कहा गया है। इतनी ही (१ कल्प तुल्य) ब्रह्मा की रात्रि भी होती है।
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