महायुग के मान (१२००० दिव्य वर्ष) के दशमांश को क्रम से ४, ३, २ और १९ से गुणा करने पर क्रम से कृत, त्रेता, द्राप और कलियुग का मान होता है। अपने अपने युगमान के षष्ठांश तुल्य दोनों सन्धियाँ होती है।
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