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सूर्य सिद्धांत • अध्याय 1 • श्लोक 15
महायुगप्रमाणम्‌ तद्द्वादशसहस्नाणि चतुर्युगमुदाह्॒तम्‌ । सूर्याब्दसडख्यया द्रित्रिसागरैरयुताहतै: ॥
देवताओं और असुरों के वर्ष प्रमाण से १२ हजार वर्षों (१२ सहस्र दिव्य वर्षों) का एक चतुर्युग (महायुग) कहा गया है। सौरमान से दश हजार गुणित ४३२ अर्थात्‌ ४३२०००० वर्षो का एक महायुग होता है।
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