उसी प्रकार तीस तिथियों का एक चान्द्र मास, एक सडद्क्रान्ति से दूसरी संक्रान्ति पर्यन्त (जब तक सूर्य एक राशि पर रहता है) एक सौरमास कहा गया है। बारह मासों का एक वर्ष तथा एक वर्ष का १ दिव्य दिन होता है।
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