(काल दो प्रकार का होता है) एक काल प्राणियों (सृष्टि) का संहार करने वाला तथा दूसरा गणना करने वाला होता है। कलनात्मक काल (गणना करने वाला) दो तरह का होता है पहला स्थूल होने से मूर्त संज्ञक (व्यावहारिक) और दूसरा सूक्ष्म होने से अमूर्त संज्ञक (अव्यवहारिक) कहा जाता है।
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