मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
सुबाल • अध्याय 5 • श्लोक 7
बुद्धिरध्यात्मं बोद्धव्यमधिभूतं ब्रह्मा तत्राधिदैवतं नाडी तेषां निबन्धनं यो बुद्धौ बो बोद्धव्ये यो ब्रह्मणि यो नाड्यांनन्तम् ॥
(इसी प्रकार) बुद्धि अध्यात्म है, बोद्धव्य (बुद्धि का विषय) अधिभूत है, ब्रह्मा अधिदैवत है और 'नाड़ी' इनका मूल स्थान है। जो बुद्धि में, बोद्धव्य में, ब्रह्मा में, जो नाड़ी में अनन्त है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
सुबाल के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

सुबाल के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें