मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
श्वेताश्वतर • अध्याय 4 • श्लोक 22
मा नस्तोके तनये मा न आयुषि मा नो गोषु मा न अश्वेषु रीरिषः। वीरान्‌ मा नो रुद्र भामितो वधीर्हविष्मन्तः सदामित्‌ त्वा हवामहे॥
(हे रुद्र) न हमारे पुत्रों को, न हमारे पौत्रों को, न हमारे जीवनों को, न हमारी गौओं को, न ही हमारे अश्वों को नष्ट करिये। हे रुद्र, अपने क्रोध में हमारे वीरों का वध मत करिये; हम हवि अर्पित करते हुए सर्वदा ही आपका आवाहन करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
श्वेताश्वतर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

श्वेताश्वतर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें