वह पुरुष इस विश्व से अत्यन्त परे है, अरूप है, और दुःख से रहित है। जो इसे अनुभव द्वारा जान जाते हैं वे मृत्यु से मुक्त हो जाते हैं। किन्तु अन्य सब को निःसन्देह दुःख भोगना पड़ता है।
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