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शुकरहस्य • अध्याय 1 • श्लोक 41
कार्योपाधिरयं जीवः कारणोपाधिरीश्वरः। कार्यकारणतां हित्वा पूर्णबोधोऽवशिष्यते॥
यह जीव कार्यरूप उपाधि से युक्त है और ईश्वर कारणरूप उपाधि से युक्त है। इन कार्य और कारणरूप उपाधियों का त्याग कर देने पर केवल विशुद्ध ज्ञानस्वरूप ब्रह्म ही शेष रहता है।
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