इस पर ब्रह्माजी ने कहा—
प्राचीनकाल में महातेजस्वी, तपोनिष्ठ तथा सम्पूर्ण वेदों के विग्रहस्वरूप श्री वेदव्यासजी ने पार्वती सहित भगवान् शिव को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और उनसे प्रार्थना की।
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