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शुकरहस्य • अध्याय 1 • श्लोक 3
सोऽब्रवीत् पुरा व्यासो महातेजाः सर्ववेदः तपोनिधिः। प्रणिपत्य शिवं साम्वं कृताञ्जलिरुवाच ह॥
इस पर ब्रह्माजी ने कहा— प्राचीनकाल में महातेजस्वी, तपोनिष्ठ तथा सम्पूर्ण वेदों के विग्रहस्वरूप श्री वेदव्यासजी ने पार्वती सहित भगवान् शिव को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और उनसे प्रार्थना की।
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