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शुकरहस्य • अध्याय 1 • श्लोक 14
रहस्योपनिषन्नाम्ना सषडङ्गमिहोच्यते। यस्य विज्ञानमात्रेण मोक्षः साक्षान्न संशयः॥
अतः मैं तुम्हारे लिए इस रहस्योपनिषद् नामक गूढ़ विषय का षडङ्गन्यास के अनुसार वर्णन करता हूँ। इसका (अनुभूतिजन्य) विशेष ज्ञान प्राप्त हो जाने पर साक्षात् मोक्ष की प्राप्ति में कोई संशय नहीं रहता।
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