भगवान् शिव ने कहा—
हे ज्ञाननिधिमुनि शुकदेव! तुम निश्चय ही महान् प्रज्ञावान् हो।
तुमने वेदों के गूढ़ रहस्यों के व्यावहारिक स्वरूप के विषय में प्रश्न किया है।
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