मनीषिण उचुः -
शाहः शाहिजहानस्य सेनया येदिलस्य च। साहसी सिंहविक्रान्तः कति वर्षाण्युद्धत ।।
कथं च सन्धिमकरोत् ताभ्यां द्वाभ्यामपि प्रभुः। कवीन्द्र भवतः श्रोतुमिदमीहामहे वयम् ।।
पंडित बोले - साहसी एवं शेर के समान पराक्रमी शहाजीराजे ने आदिलशाह और शहाजहा की सेना के साथ कितने वर्षों तक युद्ध किया? फिर उन दोनों में सन्धि किस प्रकार हुई? हे कवींद्र! ये आपसे सुनने की हमारी इच्छा है।
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