फिर शहाजीराजे को जीतने के इच्छुक शहांजहा ने आदिलशाह के साथ तुरंत सन्धि कर ली। उसके बाद राजेंद्र शहाजी को जीतने की इच्छुक उन दोनों ने भीमा नाम की महानदी से परस्पर राज्यों के मध्य की सीमा निश्चित की।
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