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शिवभारतम् • अध्याय 9 • श्लोक 38
आख्याति लिखितुं यावदाचायों वर्णमादिमम्। तावद् द्वितीयमप्येष विलिख्य तमदर्शयत्।।
गुरुजी, जब उसको पहला अक्षर लिखने के लिए बोलते थे तो उसके साथ वह दूसरे अक्षर को भी लिखकर दिखा देता था।
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