स तं पुत्रं मन्त्रिपुत्रैः सवयोभिः समन्वितम्।
न्यवेशयत्त गुर्वड्के मेधाविनमलोहलम्।।
मंत्रियों के सम वयस्क पुत्रों के साथ बुद्धिमान एवं स्पष्ट उच्चारण करने वाले उस पुत्र को गुरु के गोद में बिठाया।
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