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शिवभारतम् • अध्याय 9 • श्लोक 26
जननी शम्भुशिवयोस्तत्र यादवनन्दिनी। जग्राह हृदयं पत्युः शुद्धान्ते सुमहत्यपि ।।
शाहजी की अनेक पत्नियां थी किंतु जो संभाजी और शिवाजी की मां एवं यादवराज की पुत्री थी, उसने अपने पति के शुद्ध हृदय में स्थान प्राप्त कर लिया था।
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