तदा फरादखानेन याकुतेनाङ्कुशेन च। हशेन्यम्वरखानेन मसूदेन तथा पुनः ।।
प्रवारघाण्टिकेङ्गालगाढघोरफटादिभिः। सुभटैस्सहितैस्तैस्तैः प्रतस्थे रणदूलहः ।।
तब फरादखान, याकूतखान, अंकुशखान हुसैन, अंबरखान, मसाऊदखान, वैसे ही पवार, घाटगे, इंगले, गाढ़े, घोरपड़े आदि बड़े-बड़े योद्धाओं के साथ रणदुल्लाखान युद्ध के लिए निकल गया।
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