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शिवभारतम् • अध्याय 9 • श्लोक 19
अथो फरादखानस्य सुतं समरर्धवहम्। निखिलानीकिनीमान्यं सेनान्यं रणदुलहम् ।। बलिना शाहराजेन महाराजेन संयुतम्। प्रतापी प्रेषयामास जेतुं कर्णाटनीवृतम् ।।
बाद में उस प्रतापी महमूदशाह ने संपूर्ण सेना के प्रिय एवं रणधुरंधर फरादखान के पुत्र सेनापति रणदुल्लाखान को, पराक्रमी शाहजी राजा के साथ कर्नाटक राज्य को जीतने के लिए भेज दिया।
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