जनिस्सत्त च वृद्धिश्च विपाकोऽपचयोऽपि च ।
क्षयश्च षडमी भावाः विकाराः कालनिर्मिताः ।।
उत्पत्ति, स्थिति, वृद्धि, परिपक्वता, क्षय और नाश - ये काल निर्मित छह अवस्था हैं।
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