अस्तङ्ङ्गतेऽम्बरमणिप्रतापे चबीऽम्बरे।
निर्मन्त्रिणि निजामे च स्थितिसंजातसंशयेवे।।
सूर्य की तरह प्रतापी बर्बर मणिकंबर के अस्त हो जाने पर निजामशाह को दूसरे अच्छे मंत्री के न मिलने से उसके राज्य की स्थिति में संशय उत्पन्न हो गया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।