स तत्र बहुभिर्युध्यन् सुपुत्रामात्यवान्धवः ।
प्रत्युद्यातः सुरगणैः सुरलोकमलोकत ।।
वह अपने पुत्र, अमात्य, बांधयों एवं अनेक अन्य लोगों के साथ लड़ते लड़ते स्वर्गलोक चला गया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।