अभूदागमनं तत्र यथा शाहमैहीपतेः।
तथा कथय नः सर्वं भट्टगोविन्दनन्दन।।
जैसी ही वहां पर शाहजीराजे का आगमन होता है वैसे ही हम सभी भाट गोविंद नन्दन कहने लगे।
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