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शिवभारतम् • अध्याय 8 • श्लोक 2
स हि शैलो निजामस्य प्रियकारी महायशाः। प्रतापी प्रथितो लोके धारागिरिरिवापरः ।।
क्योंकि वह किला निजामशाह का हितकारी, यशस्वी एवं मजबूत था। मानो कि वह दूसरे धारागिरी (दौलताबाद) के रूप में लोक में विख्यात हो।
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