विश्वासराजवंश्यानां भूपानां भूरितेजसाम् ।
तथा भृशबलानां च समवायो महानभूत् ।।
विश्वासराज कुल वंशजों के अत्यंत तेजस्वी राजाओं की और भोंसले वंशजों की बड़ी बारात इकट्ठी हुई।
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