भुङ्क्ष्वेत्युक्तोपिनाभुंक्त पिवेत्युक्तो पिनापिबत्।
अनुनीय स धात्रीभिः शेष्वेत्युक्तोपिनास्वपत् ।।
खाने के लिए बोलने पर वह खाता नहीं था, पीने के लिए बोलने पर वह पीता नहीं था और यदि दाइयों ने उसको प्यार से सोने के लिए बोलने पर भी वह सोता नहीं था।
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