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शिवभारतम् • अध्याय 7 • श्लोक 19
उत्तार्योतार्य तरसात्ससमर्थकः। व्यश्वाणयदल‌ङ्कारान् धात्रीभ्यस्स्वशरीरतः ।।
सभी इच्छित कामनाओं को पूर्ण करने वाला वह विष्णु अपने शरीर पर पहने हुए आभूषणों को शीघ्र उतार उतारकर दाइयों को देता था।
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