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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 97
निखिलतिमिरहारी बालसूर्योपमानः । प्रसभमभृतशोभां वर्धमानः क्रमेण।। इत्यनुपुराणे सूर्यवंशे निधिनिवासकरकवीन्द्र परमानन्दप्रकाशितायां संहितायां शिवराजप्रभवो नाम षष्ठोऽध्यायः ॥
उसी तरह यह बाल सूर्य राजपुत्र अखिल अंधकार को नष्ट करते हुए धरि-धरि वृद्धि को प्राप्त होने लगा तो वह अतिशय सुंदर दिखने लगा।
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