ततोऽचिरेण सा गर्ने पत्नी शाहमहीपतेः ।
प्रभविष्णुं महाविष्णुमंशमूर्तिमदीधरत् ।।
उसके बाद शीघ्र ही उस शहाजीराजे की पत्नी ने सामर्थ्यवान विष्णु के अंश को गर्भ में धारण किया।
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