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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 68
सुदुर्गमेषु मार्गेषु गहनेषु गिरिष्वपि। सरित्सुच समुद्रेषु यस्याप्रतिहता गतिः ।।
दुर्गम मार्ग, गहन पहाड़ी, नदी और समुद्र के बीच जिसकी गति अव्यवहित है
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