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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 63
करिष्यत्येष बलवानिह कर्मातिमानुषम्। म्लेच्छान्निहत्य महतीं कीर्ति विस्तारयिष्यति ।।
यह बलवान बालक इस लोक में अलौकिक कर्म करेगा, म्लेच्छों का नाश करके अपनी अतुल कीर्ति को फैलायेगा,
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