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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 58
देवसेना शची स्वाहा समृद्धिः सर्वमङ्गळा। अदितिर्विनता संज्ञा सावित्री चाप्यरुन्धती ।।
वहां पर देवसेना, शची, स्वाहा, समृद्धि, पार्वती, अदिति, विनता, संज्ञा, सावित्री, अरूंधति
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