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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 48
शरासनं शरान् खड्गं विविधान्यायुधानि च। तत्तन्मन्त्रैः समभ्यर्च्य सूतिकागृहमन्तरा ।।
धनुष, वाण, तलवार और अनेक प्रकार के शस्त्रास्त्र इन सब की उन पुरोहितों ने पवित्र होकर
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