भुवो भारमपाकर्तुमवतीर्णे जगत्पतौ।
संनिधाय स्वयं तत्र स्वस्तिवाचनमाचरन् ।।
इन सभी ने पृथ्वी का भार कम करने के लिए अवतीर्ण हुए उस जगतपति के समीप आकर उसका स्वस्तिवाचन किया।
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