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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 37
अनुग्रहाय देवानां दैत्यानां निग्रहाय च। प्रभुः स जगतां प्रादुरभूद् भूशवलान्वये ।।
देवों पर कृपा एवं राक्षसों का निग्रह करने के लिए उस जगत प्रभु ने भोंसले कुल में अवतार लिया।
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